जैसलमेर से १६ km दूर स्तिथ एक स्थान वैशाखी | जहा है भोले शंकर की छवि का वो स्वरुप जो भूतो के ईश्वर भूतेश्वर महादेव के नाम से जाने जाते है | मेरे दादा जी श्री नकुलाल शर्मा जो बचपन से ही भूतेश्वर महादेव की सेवा में समर्पित है
वो कहते है की "जीवन का आधार सत्य है और सत्य ही शिव है"|
वहा शाम के समय का नजारा बहुत ही अद्भुत होता है चारो तरफ एक शांति की लहर और पक्षियों की चहचहाहट और मस्ती में नाचते मोर और उमा-महेश-आश्रम मैं बजते शिव भक्ति के भजन एक अत्यंत ही सुखदायी अहसास देते है
तपस्वियों की इस महान भूमि जहा कई ऋषि मुनियों ने अपने तप से कई सिद्धिया प्राप्त करके लोगो की भलाई करके उन्हें सत्य का मार्ग बता के उनमे शिव के प्रति आस्था और विश्वास को बढाया उनके तप की शक्तिया आज भी इस पावन भूमि पे शान्ति के रूप में महसूस की जा सकती है|
मंदिर का एक विघहम द्रश्य : -
संत महापुरुषों का धुणा : -
उमा-महेश-आश्रम :-
वैशाखी धाम में स्तिथ है उमा-महेश-आश्रम जिसके गादीपति श्री कमलेशानंद जी महाराज है|
जहा पे आये दिन भक्ति रस की नदियाँ बहती रहती है|
इस वीरान इलाके में गर्मियों में रहना तक दूभर होता है फिर भी वैशाख की पूर्णिमा को यहाँ पे भगवन शिव का मेला लगता है |
इतनी भीषण गर्मी में भी यहाँ हजारो श्रद्धालु मेले में शिरकत करते है और भगवान् शिव के दर्शन करने आते है| और यहाँ स्तिथ कृष्णा कुंड और महिलाए राधा कुंड मैं नहाकर अपने वैशाख व्र्रत को पूरा करती है |
कुछ और नज़ारे वैशाखी के -
वो कहते है की "जीवन का आधार सत्य है और सत्य ही शिव है"|
वहा शाम के समय का नजारा बहुत ही अद्भुत होता है चारो तरफ एक शांति की लहर और पक्षियों की चहचहाहट और मस्ती में नाचते मोर और उमा-महेश-आश्रम मैं बजते शिव भक्ति के भजन एक अत्यंत ही सुखदायी अहसास देते है
तपस्वियों की इस महान भूमि जहा कई ऋषि मुनियों ने अपने तप से कई सिद्धिया प्राप्त करके लोगो की भलाई करके उन्हें सत्य का मार्ग बता के उनमे शिव के प्रति आस्था और विश्वास को बढाया उनके तप की शक्तिया आज भी इस पावन भूमि पे शान्ति के रूप में महसूस की जा सकती है|
मंदिर का एक विघहम द्रश्य : -
संत महापुरुषों का धुणा : -
उमा-महेश-आश्रम :-
वैशाखी धाम में स्तिथ है उमा-महेश-आश्रम जिसके गादीपति श्री कमलेशानंद जी महाराज है|
जहा पे आये दिन भक्ति रस की नदियाँ बहती रहती है|
इस वीरान इलाके में गर्मियों में रहना तक दूभर होता है फिर भी वैशाख की पूर्णिमा को यहाँ पे भगवन शिव का मेला लगता है |
इतनी भीषण गर्मी में भी यहाँ हजारो श्रद्धालु मेले में शिरकत करते है और भगवान् शिव के दर्शन करने आते है| और यहाँ स्तिथ कृष्णा कुंड और महिलाए राधा कुंड मैं नहाकर अपने वैशाख व्र्रत को पूरा करती है |
कुछ और नज़ारे वैशाखी के -

